Tuesday, 3 April 2012

भारत सरकार और रामसेतु परियोजना

अब आपलोग सोच रहे होंगे कि इसमें खबर क्या ? मित्रों इस खबर मे एक बड़ी नीचता , दोगलापन , और दोयम दर्जे की मक्कारी छुपी है |

जब यही भारत सरकार और कांग्रेस रामसेतु परियोजना के लिए सुप्रीम कोर्ट मे बकायदा भारत गणराज्य के राष्ट्रपति के दस्तखत के साथ एक एफिडेविड जमा करते है जिसमे कांग्रेस की भारत सरकार कसम खाकर कहती है कि इस देश मे कभी भगवान राम पैदा ही नही हुए | भगवान राम सिर्फ और सिर्फ एक काल्पनिक है .. पूरी रामायण एक गप्प है और भारत सरकार रामसेतु को नही मानती क्योकि भगवान राम का इस देश मे कभी भी कोई अस्तित्व नही रहा है |

[ संदर्भ :- भारत सरकार के एटार्नी जनरल जी एम वहानवति के द्वारा भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की अनुमोदित सुप्रीम कोर्ट मे दायर की गयी दिनांक 23 - 8- 2006 की एफिडेविड ]



मित्रों , भारत सरकार के इस एफिडेविड को देखकर उस समय के ईसाई जज जो इस मामले को देख रहे थे .. वो चौक गए .. उन्होंने भारत सरकार को जमकर लताड लगाई और कहा कि चूँकि मै ईसाई हूँ इसलिए बाइबिल खूब पढ़ी है और बाइबिल मे भी रामसेतु का जिक्र है जिसे "एडम्स ब्रिज " कहा गया है |

इतना ही नही नही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आखिर मुझे समझ मे नही आता कि भारत सरकार और करुणानिधि की तत्कालीन तमिलनाडु सरकार आखिर इस रामसेतु को क्यों डायनामाइट से खत्म करता चाहती है ?

इतना ही नही आई आई टी मद्रास ने भी सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अगर ये रामसेतु नही होता तो 2003 की सुनामी पूरे तमिलनाडु को खत्म कर देती |

रामसेतु को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट मे केस लड़ रहे डॉ सुब्रमण्यम स्वामी ने नासा के द्वारा पेश किये गए हजारों पेपर कोर्ट मे दिये जिसमे नासा ने भी माना है की रामसेतु थी और ये प्राकृतिक निर्मित नही बल्कि मानव निर्मित है | और नासा ने रामसेतु के पथ्थरो की कार्बन डेटिंग से उनकी उम्र पता की तो सभी पत्थर रामायण मे वर्णित काल से मेल खाते है |



फिर तो कोर्ट ने कांग्रेस की भारत सरकार को खूब लताड लगाई लेकिन चूँकि हम सब रोज देखते है कि कांग्रेस की भारत सरकार को रोज ही सुप्रीम कोर्ट मे लात खाने की आदत पड़ गयी है और एक बेशर्म की तरह इस केन्द्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट के द्वारा रोज लतियाये जाने पर भी कोई फर्क नही पड़ता |

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तमिलनाडु की करुणानिधि सरकार और भारत की केन्द्र की कांग्रेस सरकार सिर्फ और सिर्फ इस परियोजना के माध्यम से इस देश के खजाने को लूटना चाहते है और इसके लिए उन्होंने भगवान राम के अस्तिव को ही नकार दिया ये बड़े शर्म की बात है |

मित्रों सुप्रीम कोर्ट की ये बात बिलकुल सत्य निकली क्योकि सेतुसमुद्रम परियोजना के माध्यम से इस देश के खजाने को लूटने मे नाकाम रहने वाली कांग्रेस सरकार बाद मे 2 जी घोटाले से अपनी प्यास बुझाई |

संस्कृत के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य

1. कंप्यूटर में इस्तेमाल के लिए सबसे अच्छी भाषा। संदर्भ: - फोर्ब्स पत्रिका 1987.

2. सबसे अच्छे प्रकार का कैलेंडर जो इस्तेमाल किया जा रहा है, हिंदू कैलेंडर है (जिसमें नया साल सौर प्रणाली के भूवैज्ञानिक परिवर्तन के साथ शुरू होता है) संदर्भ: जर्मन स्टेट यूनिवर्सिटी.

3. दवा के लिए सबसे उपयोगी भाषा अर्थात संस्कृत में बात करने से व्यक्ति... स्वस्थ और बीपी, मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल आदि जैसे रोग से मुक्त हो जाएगा। संस्कृत में बात करने से मानव शरीर का तंत्रिका तंत्र सक्रिय रहता है जिससे कि व्यक्ति का शरीर सकारात्मक आवेश(Positive Charges) के साथ सक्रिय हो जाता है।संदर्भ: अमेरीकन हिन्दू यूनिवर्सिटी (शोध के बाद).

4. संस्कृत वह भाषा है जो अपनी पुस्तकों वेद, उपनिषदों, श्रुति, स्मृति, पुराणों, महाभारत, रामायण आदि में सबसे उन्नत प्रौद्योगिकी (Technology) रखती है।संदर्भ: रशियन स्टेट यूनिवर्सिटी.



नासा के पास 60,000 ताड़ के पत्ते की पांडुलिपियों है जो वे अध्ययन का उपयोग कर रहे हैं. असत्यापित रिपोर्ट का कहना है कि रूसी, जर्मन, जापानी, अमेरिकी सक्रिय रूप से हमारी पवित्र पुस्तकों से नई चीजों पर शोध कर रहे हैं और उन्हें वापस दुनिया के सामने अपने नाम से रख रहे हैं.

दुनिया के 17 देशों में एक या अधिक संस्कृत विश्वविद्यालय संस्कृत के बारे में अध्ययन और नई प्रौद्योगिकी प्राप्त करने के लिए है, लेकिन संस्कृत को समर्पित उसके वास्तविक अध्ययन के लिए एक भी संस्कृत विश्वविद्यालय इंडिया (भारत) में नहीं है।

5. दुनिया की सभी भाषाओं की माँ संस्कृत है। सभी भाषाएँ (97%) प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इस भाषा से प्रभावित है। संदर्भ: - यूएनओ

6. नासा वैज्ञानिक द्वारा एक रिपोर्ट है कि अमेरिका 6 और 7 वीं पीढ़ी के सुपर कंप्यूटर संस्कृत भाषा पर आधारित बना रहा है जिससे सुपर कंप्यूटर अपनी अधिकतम सीमा तक उपयोग किया जा सके। परियोजना की समय सीमा 2025 (6 पीढ़ी के लिए) और 2034 (7 वीं पीढ़ी के लिए) है, इसके बाद दुनिया भर में संस्कृत सीखने के लिए एक भाषा क्रांति होगी।



7. दुनिया में अनुवाद के उद्देश्य के लिए उपलब्ध सबसे अच्छी भाषा संस्कृत है। संदर्भ: फोर्ब्स पत्रिका 1985.

8. संस्कृत भाषा वर्तमान में "उन्नत किर्लियन फोटोग्राफी" तकनीक में इस्तेमाल की जा रही है। (वर्तमान में, उन्नत किर्लियन फोटोग्राफी तकनीक सिर्फ रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका में ही मौजूद हैं। भारत के पास आज "सरल किर्लियन फोटोग्राफी" भी नहीं है )

9. अमेरिका, रूस, स्वीडन, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान और ऑस्ट्रिया वर्तमान में भरत नाट्यम और नटराज के महत्व के बारे में शोध कर रहे हैं। (नटराज शिव जी का कॉस्मिक नृत्य है। जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के सामने शिव या नटराज की एक मूर्ति है ).



10. ब्रिटेन वर्तमान में हमारे श्री चक्र पर आधारित एक रक्षा प्रणाली पर शोध कर रहा है

वन्दे मातरम भारत माता की जय , वन्दे गौ मातरम, जय श्री राम , जय श्री कृष्ण , जय हो !

Monday, 2 April 2012

केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद औऱ रीता बहुगुणा जोशी 2 लाख करोड के अनाज घोटाले में शामिल

देश के सबसे गरीब राज्य उत्तर प्रदेश में 2 लाख करोड़ रुपये के इस घोटाले में गरीबों के लिए तय अनाज को जानबूझकर और एक प्रक्रिया के तहत खुलेबाजार में देश और विदेश में बेचा गया। यह घोटाला 7 साल तक चला और इसमें 5,000 एफ. आई. आर. भी दर्ज हुईं।

इस घोटाले में इतनी पारदर्शिता थी की इसे रेलगाडी के माध्यम से देश के दूसरे हिस्सों में भिजवाया गया । जो अनाज गरीबों तक पहुंचना था उसे देश विदेश के खुले बाजारों में बेचा गया । इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह ओर न्यायमूर्ति एस.सी.चौरसिया की खंडपीठ ने 3 दिसंबर 2010 को अनाज घोटाले के मामले में कहा था कि यदि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के मामले में मुकदमें के लिए तीन महीने में अनुमति नहीं देती है तो उसके लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है। खंडपीठ ने सीबीआई को आदेश दिया कि बलिया. लखीमपुरखीरी और सीतापुर के साथ ही वाराणसी, गोंडा तथा राजधानी लखनऊ में भी हुए अनाज घोटाले की जाँच को अपनी जद में लाए।

प्रर्वतन निदेशालय और केन्द्रीय वित्त मंत्रालय इस बात की जाँच करे कि घोटाले की करोड़ों रुपए की राशि कहाँ गई। खंडपीठ ने केन्द्र सरकार को सरकारी कर्मचारियों पर मुकदमा चलाने के कानून में संशोधन करने को भी कहा। खंडपीठ ने कहा कि यदि कोई अधिकारी बाहर का है तो उसके खिलाफ जाँच सी.बी.आई करेगी।

एक खबर सुप्रीम कोर्ट से प्राप्त हुई है की सी.बी.आई. नें सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है की कानून मंत्री सलमान खुर्शीद और रीता बहुगुणा जोशी को भी अनाज घोटाले अपराधी की तौर पर शामिल है ।
कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के द्वारा ज्योंही लखनऊ खंड पीठ नें अपना फैसला 2010 में सुनाया तुरंत इलाहाबाद हाई कोर्ट में उनके एक रिश्तेदार रफत आलम की नियुक्ति प्रधान न्यायाधीश के रूप में कर दी गई जिसके बाद यह मामला इस घोटाले को उठाने वाले याचिकाकर्ता नें सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करवा दिया । मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचने के बाद कानून मंत्री महोदय नें अपने पद का फायदा उठाते हुए अपने एक अन्य रिश्तेदार जावेद अहमद को लखनऊ सी.बी.आई. में ज्वाइंट डायरेक्टर बना कर बैठा दिया जिसके बाद से सी.बी.आई. के वकीलों पर अनावश्यक रूप से इस मामले को निपटाने का या रफा दफा करने के लिये दबाव पडने लगा, जिनमें से कुछ मामले दिल्ली तक पहुंच गये हैं ।

इस मामले को दूसरे नजरिये से देखा जाय तो अनाज घोटाले में मुलायम या समाजवादी पार्टी अथवा कांग्रेस पार्टी किसी भी रूप से जिम्मेदार नही बनती दिखलाई पड रही है इस मामले में शंका जाहिर की जा रही है की उक्त सारा अनाज घोटाला अमर सिंह, सलमान खुर्शीद और रीता बहुगुणा जोशी की मिली भगत से हुआ होगा । इस मामले में जनता मुलायम को या समाजवादी पार्टी को इसलिये जिम्मेदार नही मान रही है क्योंकी उस समय मुलायम से ज्यादा अमर सिंह की चला करती थी ।

अब देखना यह है की कांग्रेस पार्टी जो कई घोटालों में लिपटी हुई है अपने कानून मंत्री से किस तरह से निपटती है . यदि कांग्रेस मामले के उठते ही सलमान से केवल इस्तीफा ना लेकर उनके खिलाफ कडा बयान जारी करती है तो गांधी परिवार यू.पी. के दिलों में वापसी की उम्मीदें जगा सकते हैं ।

विधान सभा चुनाव के समय राहुल गांधी को अक्सर एक जुमला मुसलमान लोग सुनाते थे की क्या राहुल बाबा हमनें मांगा था मुसलमान और आपने भेज दिया सलमान ......

हकीकत ये है की गांधी परिवार नें अपने ऊपर लगने वाले सारे भ्रष्टाचारों को केवल इसलिये सहन किया है क्योंकी वे इस मामले में लिप्त लोगों को अपने परिवार का हिस्सा समझने की भूल करने लगे थे और उन्हे लगता की ये लोग ऐसा नही कर सकते जबकी हकीकत ये थी की इन लोगों नें देश का पैसा खाकर गांधी परिवार को बदनाम करने के अलावा कुछ नही किया ।

नरेंद्र मोदी पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मीडिया दोगला रुख क्यों दिखाती है ?

मित्रों , जब भी कोई भी कोर्ट मोदी जी या गुजरात सरकार के खिलाफ कोई फैसला देती है तो भारत की सभी मीडिया इसे पूरे दिन कई अजीब अजीब भारीभरकम शीर्षकों के साथ न्यूज़ चलाती है .. जैसे --"मोदी को जोरदार झटका" "मोदी पर खतरा" "क्या मोदी बचेंगे " आदि आदि

लेकिन कल सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसा फैसला सुनाया जिसे किसी भी चैनेल ने नही दिखाया | असल मे गुजरात या मोदी जी पर आये हुए 92 % फैसले गुजरात सरकार या मोदी जी के पक्ष मे रहे है लेकिन मीडिया सिर्फ उन्ही फैसले पर ही सारा दिन समाचार दिखाती है जो मोदी जी के खिलाफ हो |

कल जन संघर्षमंच जिसके सर्वेसर्वा तीस्ता जावेद और शबनम हाशमी और मुकुल सिन्हा है की अर्जी जिसमे उन्होंने मांग की थी कि नानावटी कमीशन को मोदी जी को पूछताछ के लिए बुलाया जाय | लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने न सिर्फ इस अर्जी को ख़ारिज कर दिया बल्कि मुकुल सिन्हा को कड़ी फटकार लगाई |

हलाकि इसके पहले जब सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस आफताब आलम की खण्डपीठ ने गुजरात सरकार और नानावती कमीशन को नोटिस जारी किया था .जिसे सुप्रीम कोर्ट ने वापस ले लिया और कहा कि किसी भी जज को कोई भी फैसला सुनाते समय भारत के कानून और सम्विधान को जरूर देखना चाहिए ...

कानूनन कोई भी न्यायिक आयोग पूरी तरह से स्वत्रंत होता है और किसी भी आयोग को नोटिस भेजने की सत्ता सुप्रीम कोर्ट के पास नहीं है ..और सुप्रीम कोर्ट अपनी गलती सुधारते हुए नोटिस वापस लेता है और साथ मे सभी पक्षों से इस गलती के लिए खेद जताता है |

साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने [सुप्रीम कोर्ट ] ने पहले ही अपनी देखरेख मे सीट का गठन किया है जो हर एक मामले को बड़ी ही ईमानदारी और सच्चाई से देख रही है ..

मित्रों , क्या आप अब भी भारतीय मीडिया को निष्पक्ष कहेंगे ? किसी भी मीडिया ने एक मिनट के लिए भी इस खबर को ब्रेक नही किया ..

असल मे भारतीय मीडिया सिर्फ कहने को ही भारतीय है .. अगर आप किसी भी मीडिया हॉउस के इन्वेस्टर प्रोफ़ाइल को देखेंगे तो आपको सच पता चल जायेगा .. सभी न्यूज़ चैनेलो मे विदेशी लोग या विदेश कंपनी ही इन्वेस्टर है .. इसलिए ये सारे न्यूज़ चैनेल एक दोगलेपन से खबर को ब्रेक करते है |

पेट्रोल के नाम पर भारत की आम और भोली भाली जनता को कैसे लूट रही है सरकार

1.सरकार सिर्फ विश्व बाज़ार के अनुसार कीमत बढाती है लेकिन बाज़ार में कीमत कम होती है तो दाम नहीं घटाती है

2.पेट्रोलियम कम्पनियां कभी भी घाटे में नहीं रहती है वो पेट्रोलियम सब उत्पादों जैसे BENZENE और TOLUENE जैसे कई उत्पादों से से हजारो करोडो रूपये का मुनाफा कमाती है

3.सरकार ने पेट्रोल पर Excise duty,Education Tax, Dealer commission, VAT,Crude Oil Custom duty,Petrol Custom जैसे कई कर लगा रखे है जिससे उपभोक्ता को दुगनी कीमत पर पेट्रोल मिल रहा है

4.अमेरिका जैसे धनवान और पाकिस्तान जैसे गरीब देश में भी पेट्रोल 53 रु /लीटर है

5.सरकार केरोसिन की कम कीमत का फायदा उठा कर केरोसिन को बंगालेदेश में मुनाफा कमा कर कर बेच देती है और गरीब आदमी के हाथ सिर्फ मायूसी लगती है

पेट्रोलियम कम्पनियां ईरान से कई पेट्रोलियम अपशिस्ट पदार्थ मँगाकर पेट्रोल में मिलाकर बेचती है इसी से उनको प्रति लीटर 3 से 4 रूपये का फायदा होता है और ग्राहोको को मिलता है मिलावटी तेल ...


जागो भारतियों जागो और महाभ्रष्ट सरकार की जनविरोधी नीतियों को पहचानों .... 




Sunday, 1 April 2012

"पवित्र" नकली खानदान

इसके पहले भी जिसने भी इस "पवित्र" नकली गाँधी खानदान के रास्ते में आया इस खानदान ने उसका बुरा अंत कर दिया ..जैसे :-

1- इंदिरा गाँधी के रास्ते में आने वाले लाल बहादुर शास्त्री की ताशकंद में रहस्यमय हालत में मौत हो गयी .?

2- नेहरु के लिए खतरा बन रहे श्यामा प्रशाद मुखर्जी और दीन दयाल उपाध्याय जी की हत्या कर दी गयी और पुलिस ने आज तक इस साजिश से पर्दा नहीं उठाया ?

3- राजीव गाँधी के लिए चुनौती बन रहे बीर बहादुर सिंह की पेरिस में मौत हो गयी . जबकि उनको ह्रदय की कोई समस्या नही थी ?



4- सोनिया गाँधी के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ने की दो लोगो ने हिम्मत की .. राजेश पाइलट और जितेन्द्र प्रशाद .. राजेश पाइलट की कार को एक रहस्यमय ट्रक ने टक्कर मारकर गायब हो गया .और जितेन्द्र प्रशाद बरेली के सर्किट हॉउस में मर गए ??

इसके पहले सोनिया को चुनौती देने वाले सीताराम केसरी को पार्टी से भगा दिया गया ?

5- राहुल गाँधी के लिए खतरा साबित हो रहे माधवराव सिंधिया एक प्लेन एक्सीडेंट में मारे गए .. जबकि उनका प्लेन ब्रांड न्यू था और उसमे कोई समस्या नहीं थी और उसमे किसी भी मौसम में उड़ने वाला सिस्टम लगा था ..

6- जयप्रकाश नारायण को जेल मे लेड युक्त पानी पिलाकर उनके गुर्दे फेल करके उन्हें मार डाला गया ? जबकि वो इंदिरा गाँधी के सामने एक बड़ी ताकत बनकर उभर रहे थे .

7- बिहार के लोकप्रिय नेता और पूरे उत्तर भारत मे प्रभाव वाले तात्कालिन रेल मंत्री ललित नारायण मिश्र को एक ऐसे बम से उड़ा दिया गया जो सिर्फ सेना इस्तेमाल करती है ...



मित्रों , आखिर इस "पवित्र" परिवार को किस देवता का आशीर्वाद मिला हुआ है जिससे की जो भी इनके अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाता है या रास्ते में आता है उसकी रहस्यमय हालात में मौत हो जाती है "सोचिये जरा " ??????????

बचा सकते हो तो बचा लो देश को

देश के कॉम्पट्रोलर और ऑडिटर जनरल (सीएजी) विनोद राय ने चौंकाने वाला बयान दिया है। कई घोटालों का पर्दाफाश करने वाले राय ने टेलीकॉम घोटाला, कॉमनवेल्थ खेल घोटाला समेत कई घोटालों की परतें उधेड़ी हैं। सीएजी विनोद राय ने कहा है कि लोकतंत्र दोराहे पर खड़ा है। लोगों को आगे आना होगा, अपनी आवाज बुलंद करनी होगी क्योंकि मुट्ठी भर लोग जनता की आवाज बन चुके हैं।



शायद कोयला घोटाला जैसे बड़े घोटाले को देखते हुए (CAG )श्री विनोद रॉय जी ने ऐसा कहा अब आप ही निर्णय लीजिये की इन काले अंग्रेजों का क्या करना है ये वक्त सोने का और किसी से दबने का नहीं है अगर हम दब गए तो समझो हमारी आने वाली पीढ़ी हमें कोसेगी , एक तरफ बहुत ईमानदार अधिकारी श्री विनोद रॉय जी हैं जो ये बात कह रहे हैं दूसरी तरफ भारतीय थल सेना अध्यक्ष जनरल वी के सिंह जी भ्रष्ट सरकार की भ्रष्ट नीतियों के खिलाफ बगावत कर चुके हैं , सेना में हो रहे भ्रष्टाचार साथ के साथ गोला बारूद की कमी को दर्शाना बहुत ही ज्यादा सोचने का विषय है की हम किस खतरनाक मोड़ से गुजर रहे हैं और ये सरकार हमारे साथ इतना बड़ा खिलवाड़ क्यों कर रही है ,




एक तरफ भारत का विदेशों में लाखों करोड़ों रूपये जमा है और जिन गद्दारों का विदेश में काला धन जमा है हमारे वित्त मंत्री उनका नाम नहीं बताना चाहते , ऊपर से लगातार पेट्रोल ,डीजल,गेस के दाम बढ़ना जिससे की महँगाई बढ़ रही है , एक तरफ इस देश का योजना आयोग है जो गरीबी की परिभाषा को कुछ इस प्रकार पेश कर रहा है जो व्यक्ति गाँव में 23 रूपये से ऊपर प्रतिदिन और शहर में 29 रूपये प्रतिदिन कमा रहा है वो व्यक्ति गरीबी रेखा से ऊपर है देखिये कितना बद्धा/बड़ा मजाक किया है गरीबों के साथ इस सरकार ने ,

उसके बाद अगर एक सन्यासी स्वामी रामदेव जी जैसे राष्ट्रपुत्र अपना राष्ट्र धर्म निभातें हैं तो उनको जान से मारने की कोशिश की जाती है उनके समर्थकों को रात को लाठी डण्डों से पीटा जाता है शान्ति प्रिय ठंग से सो रहे योगी , साधू - सन्तों , महिलाओं बच्चों बुजुर्गों पर आँसू गेस के गोले छोड़े जाते हैं इनका दोष बस इतना है की इन्होने भ्रष्ट व्यवस्था को बदलने के लिए सत्याग्रह किया , विदेशों में जमा काले धन को भारत में वापस लाने के बात की ...



बड़ी ही घटिया सरकार है जो इस देश पर आतंकी हमला करने वाले आतंकवादियों पर तो करोड़ों खर्चा कर देती है पर इस देश के गरीब व्यक्ति के लिए कुछ करना तो दूर सोचती भी नहीं , अगर अन्ना हजारे जी सख्त लोकपाल की बात करते हैं तो उनके ऊपर ही जाँच शुरू हो जाती है उनकी टीम के ऊपर जाँच शुरू हो जाती है लेकिन 43 साल से रुका हुआ लोकपाल पास नहीं होता , मित्रों अब सोचने का नही करने का समय है जागो और जगाओ ... और इस भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ आर पार की लड़ाई के लिए तैयार हो जाओ

इस भ्रष्ट सरकार की एक और पोल खुली लगता है कोयला खदानों का मसला आसानी से ठण्डा नहीं होने वाला है. सीएजी रिपोर्ट लीक होने के बाद और इसपर पीएमओ की सफाई के बाद मंगलवार को सीएजी विनोद राय ने फिर से कहा कि उनकी रिपोर्ट सोलह आने सही है और सीएजी की तरफ से न गलती होती है, न होगी.

कोयला खदानों को लेकर सीएजी यानी comptroller and auditor general की ड्राफ्ट रिपोर्ट पर हुआ बवाल अभी थमा नहीं है और सीएजी विनोद राय ने बेहद मजबूती से अपना बचाव किया है. राय ने बहुत साफ कहा है कि सीएजी की रिपोर्ट गलत नहीं हो सकती.

एक अखबार में छपी कैग की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2004 से 2009 के बीच कोयला ब्लॉक आवंटन में नीलामी प्रक्रिया नहीं अपनाई गई थी और सरकार को इसके चलते 10.67 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था. हालांकि बाद में कैग ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर साफ किया था कि जो रिपोर्ट सामने आई है, वो प्रारंभिक रिपोर्ट का मसौदा भी नहीं हैं. इसी आधार पर पीएमओ ने भी अपना बचाव किया था.



जब आजतक ने विनोद राय से पूछा कि क्या वे रिपोर्ट लीक होने से नाखुश हैं तो उन्‍होंने कहा, 'मैंने संसद के लिए रिपोर्ट तैयार की. ये लीक क्यों होगी. मैं रिपोर्ट जमा करने के बाद ही इस मुद्दे पर बात करूँगा .

2-जी और सीडब्लयूजी जैसे घोटालों पर सीएजी की रिपोर्ट से केंद्र सरकार पहले ही बैकफुट पर है और इस ताजा मुद्दे पर भी ठीक से बचाव नहीं कर पा रही है. यही वजह है कि दिल्ली में आयोजित जिस कार्यक्रम में विनोद राय मौजूद थे, वहाँ निमंत्रण के बावजूद कई कांग्रेसी नेता नहीं पहुंचे.